ये जो सुबह की मख़मली नर्म धूप है न !
ये नए दिन के स्वागत में बड़ी प्रसन्न होती है...
इस जीवन को कितने नए आयाम देती है,
ईश्वर की अद्भुत रचना को अर्थ देती है...
ये जो सुबह की कोमल किरणें हैं न !
एहसास के झरोखें हौले-से खोल देती हैं...
भोर की शीतलता में जरा-सा ताप घोल देती हैं,
सुबह की चाय में तनिक अदरक का स्वाद मिला देती है...
ये जो सुबह की हल्की-सी ठंड की छुअन हैं न !
ये बीते दिन की थकान सारी उड़ा ले जाती है...
सृष्टि के कण-कण में, निर्झरता की पाती पहुंचा आती है,
द्वार-द्वार पर सुबह का पावन स्तवन-वाचन करती है....
ये जो आज की नवी-नवेली सुबह है न !
सभी आत्मीयजनों को हृदय से शुभकामनायें देती है...
देहरी पर बैठकर मौसम के गीत गुनगुनाती है,
जीवन के धूप-छाँव की कथा मौन बाँचती है....
#Dr Sushmaa Gajapure
ये नए दिन के स्वागत में बड़ी प्रसन्न होती है...
इस जीवन को कितने नए आयाम देती है,
ईश्वर की अद्भुत रचना को अर्थ देती है...
ये जो सुबह की कोमल किरणें हैं न !
एहसास के झरोखें हौले-से खोल देती हैं...
भोर की शीतलता में जरा-सा ताप घोल देती हैं,
सुबह की चाय में तनिक अदरक का स्वाद मिला देती है...
ये जो सुबह की हल्की-सी ठंड की छुअन हैं न !
ये बीते दिन की थकान सारी उड़ा ले जाती है...
सृष्टि के कण-कण में, निर्झरता की पाती पहुंचा आती है,
द्वार-द्वार पर सुबह का पावन स्तवन-वाचन करती है....
ये जो आज की नवी-नवेली सुबह है न !
सभी आत्मीयजनों को हृदय से शुभकामनायें देती है...
देहरी पर बैठकर मौसम के गीत गुनगुनाती है,
जीवन के धूप-छाँव की कथा मौन बाँचती है....
#Dr Sushmaa Gajapure
Photo Credits: Dr. Sushmaa Gajapure
Location: Bhopal- Indore: Highway

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